MP TET Varg 2 Pariksha Yojna & Detailed Syllabus 2026: संपूर्ण जानकारी

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MP TET Varg 2 Pariksha Yojna & Detailed Syllabus 2026:

मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा (MP TET Varg 2) 2026 की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए परीक्षा पैटर्न और विस्तृत पाठ्यक्रम को समझना बेहद जरूरी है। इस ब्लॉग पोस्ट में हम आधिकारिक रूलबुक के आधार पर MP TET Varg 2 Pariksha Yojna और प्रत्येक विषय के सम्पूर्ण सिलेबस की गहराई से चर्चा करेंगे।

📌 परीक्षा की योजना (Exam Pattern)

परीक्षा की बुनियादी रूपरेखा और नियम इस प्रकार हैं:

  • सभी प्रश्न अनिवार्य होंगे।
  • पात्रता परीक्षा हेतु 150 अंकों का एक प्रश्नपत्र होगा।
  • परीक्षा की अवधि 2:30 घंटे होगी।
  • पात्रता परीक्षा के सभी प्रश्न बहुविकल्पीय (MCQ) प्रकार के होंगे, जिनके चार विकल्प होंगे जिनमें से एक विकल्प सही होगा।
  • प्रत्येक प्रश्न 1 अंक का होगा और ऋणात्मक मूल्यांकन (Negative Marking) नहीं होगा।
  • प्रश्नपत्र के दो भाग होंगे: भाग अ एवं भाग ब। भाग अ सभी के लिए अनिवार्य होगा, जबकि भाग ब के अंतर्गत शामिल विषयों में से किसी एक विषय का चयन करना होगा।

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अंक विभाजन (Marks Distribution)

भाग अ (अनिवार्य – 30 अंक):

भागविषयवस्तुप्रश्नों की संख्याकुल अंक
(i)भाषा-1 (हिन्दी / संस्कृत)08 MCQ08 Marks
(ii)भाषा-2 (सामान्य अंग्रेजी)05 MCQ05 Marks
(iii)सामान्य ज्ञान, समसामयिक घटनाक्रम, तार्किक एवं आंकिक योग्यता07 MCQ07 Marks
(iv)शिक्षाशास्त्र (Pedagogy)10 MCQ10 Marks

भाग ब (विषय आधारित – 120 अंक):

इस भाग में 120 बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जायेंगे। अभ्यर्थी अपने स्नातक उपाधि के मुख्य विषय के आधार पर हिन्दी भाषा, अंग्रेजी भाषा, संस्कृत भाषा, उर्दू भाषा, गणित, विज्ञान, या सामाजिक विज्ञान में से किसी एक विषय में परीक्षा दे सकेंगे (प्रत्येक विषय के 120 प्रश्न, 120 अंक)।

विषयवस्तु का स्तर (Difficulty Level)

  • प्रश्नपत्र के भाग अ (सामान्य ज्ञान, रीजनिंग, पेडागोजी) का स्तर हायर सेकेण्डरी स्कूल स्तर के छात्र के मानसिक स्तर के समकक्ष होगा। हिन्दी व अंग्रेजी की विषयवस्तु का स्तर भी हायरसेकेण्डरी स्कूल परीक्षा के समकक्ष होगा।
  • प्रश्नपत्र के भाग ब की विषयवस्तु म.प्र. राज्य के कक्षा 9 एवं 10 के प्रचलित पाठ्यक्रम पर आधारित होगी, लेकिन इनका कठिनाई स्तर एवं लिंकेज स्नातक (Graduation) स्तर का होगा। प्रश्न अवधारणा, समस्या समाधान और पेडागाजी की समझ पर आधारित होंगे।

📚 विस्तृत पाठ्यक्रम – भाग ‘अ’ (Part A Syllabus)

1. हिन्दी भाषा / संस्कृत (8 प्रश्न)

  • भाषायी समझ अवबोध: इसके लिए दो अपठित दिए जायेंगे। एक ग‌द्यांश (नाटक, एकांकी, घटना, निबंध, कहानी आदि से) तथा दूसरा अपठित पद्य के रूप में होगा।
  • इनमें से समझ / अवबोध, व्याख्या, व्याकरण एवं मौखिक योग्यता से संबंधित प्रश्न किए जायेंगे। ग‌द्यांश साहित्यिक, वैज्ञानिक, सामाजिक समरसता, या तात्कालिक घटनाओं पर आधारित हो सकते हैं।

2. अंग्रेजी भाषा (5 प्रश्न)

  • Reading Comprehension: Two short passages followed by short answer type questions.
  • Vocabulary (Level-X standard): One word substitution, Opposites, Synonyms, phrases, idioms/proverbs.
  • Functional Grammar (Level-X standard): Articles, Modals, Determiners, Noun/Pronoun, Adjective/Adverb, Narration, Prepositions, Tenses, Transformation of sentences, Voices.

3. सामान्य ज्ञान व समसामयिक घटनाक्रम, तार्किक एवं आंकिक योग्यता (7 प्रश्न)

  • सामान्य ज्ञान व समसामयिक घटनाक्रम: समसामयिक मामले / राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय महत्व की घटनाएं, भारत का इतिहास व राष्ट्रीय आंदोलन। भारत व संसार का भूगोल (भौतिक, सामाजिक, आर्थिक)। भारतीय राजनीति व शासन तंत्र (संविधान, पंचायतीराज, सार्वजनिक मुद्दे आदि)। आर्थिक व सामाजिक विकास (गरीबी, समावेशन, जनसांख्यिकी)। पर्यावरण, पारिस्थितिकी, मौसम बदलाव, सामान्य विज्ञान। भारतीय संस्कृति, खेलकूद, तथा मध्यप्रदेश का इतिहास, भूगोल, राजनीति, आर्थिक व सामाजिक विकास।
  • तार्किक योग्यता: सामान्य मानसिक व विश्लेषणात्मक योग्यता, शाब्दिक / तर्कयुक्त रीजनिंग, संबंध व पदानुक्रम, एनालॉजी, दावा, सत्य कथन, कोडिंग-डिकोडिंग, स्थिति जन्य तर्क, श्रृंखला व पैटर्न (शब्द और वर्ण)।
  • आंकिक योग्यता: दो एवं तीन आयामी वेन आरेख, संख्या पैटर्न, अनुक्रम, आधारभूत संख्या ज्ञान, अंकगणितीय अभिवृत्ति, आंकड़ों की व्याख्या (आलेख, ग्राफ, तालिका), दिशा ज्ञान, विश्लेषण व व्याख्या।

4. बाल विकास एवं शिक्षा शास्त्र (10 प्रश्न)

  • बाल विकास: अवधारणा एवं अधिगम से संबंध, विकास को प्रभावित करने वाले कारक, बाल विकास के सिद्धांत, बालक का मानसिक स्वास्थ्य एवं व्यवहार समस्याएं, वंशानुक्रम एवं वातावरण का प्रभाव। समाजीकरण प्रक्रियाएं, पियाजे, पावलव, कोहलर और थार्नडाइक का आलोचनात्मक स्वरूप। बाल केन्द्रित एवं प्रगतिशील शिक्षा, बुद्धि की रचना, व्यक्तित्व मापन, भाषा और विचार। जेंडर भूमिकाएं, व्यक्तिगत भिन्नताएं (भाषा, जाति, लिंग आदि), और आकलन (अधिगम के लिए व अधिगम का आकलन)।
  • अधिगम और शिक्षा शास्त्र (पेडागाजी): बच्चे कैसे सोचते और सीखते हैं, असफलता के कारण, शिक्षण-अधिगम प्रक्रियाएं, अधिगम का सामाजिक संदर्भ, समस्या समाधानकर्ता के रूप में बच्चा। बच्चों की त्रुटियों को समझना, अवधान और रुचि, संज्ञान-संवेग, अभिप्रेरणा-अधिगम, निर्देशन-परामर्श, अभिक्षमता, स्मृति-विस्मृति। समावेशित शिक्षा, वंचित वर्गों की पहचान, अधिगम कठिनाइयों वाले बच्चों की पहचान, प्रतिभावान/सृजनात्मक बच्चों की पहचान, समस्याग्रस्त बालक, बाल अपराध।

🎯 विस्तृत पाठ्यक्रम – भाग ‘ब’ (Part B Syllabus – 120 Questions)

आपको नीचे दिए गए 7 विषयों में से किसी एक का चयन करना होगा:

1. गणित (Mathematics)

  • (अ) विषयवस्तु:
    • संख्या पद्धति: प्राकृत/पूर्ण संख्या, पूर्णाक, यूक्ति विभाजन प्रमेयिका, परिमेय/अपरिमेय संख्याएं, घातांक नियम, बहुपद एवं परिमेय व्यंजक।
    • बीजगणित: बीजीय व्यंजक, अनुपात समानुपात, एकिक नियम, प्रतिशत, विचरण, चक्रवृद्धि ब्याज, किस्त, लघुगणक, एक एवं दो चर राशियों के रैखिक/घातीय समीकरण।
    • ज्यामिति: अवधारणाएँ, क्षेत्रफल, त्रिभुज के गुणधर्म (पाइथागोरस प्रमेय), कोण, सममिति, वृत, समरूप त्रिभुज।
    • त्रिकोणमिति: परिचय एवं अनुप्रयोग।
    • रचनाएँ: त्रिभुज/चतुर्भुज की रचना, रेखाखंड का विभाजन।
    • क्षेत्रमिति: आयाताकार पथ का क्षेत्रफल, पृष्ठीय क्षेत्रफल-आयतन, वृत्त का क्षेत्रफल, द्विघात समीकरण, समांतर श्रेणियां।
    • सांख्यिकी: दण्ड आलेख, आयात चित्र, माध्य, माध्यिका, बहुलक, आवृत्ति, संचयी आवृत्ति, वृत्त चित्र।
    • अन्य: ब्रह्माण्ड, मापन (समय, ताप, लम्बाई आदि), पदार्थ (अवस्थाएँ, गुण, पृथक्करण, धातु-अधातु, अणु-परमाणु, यौगिक, मिश्रण, अम्ल, क्षार, लवण)। बल, गति, दाब, कार्य ऊर्जा, मशीन, ताप एवं उष्मा।
  • (ब) शिक्षाशास्त्रीय मु‌द्दे: गणित द्वारा चिंतन/तर्कशक्ति का विकास, पाठ्यक्रम में गणित का स्थान, गणित की भाषा, शैक्षणिक सहायक सामग्री का निर्माण/उपयोग, मूल्यांकन की नवीन विधियां एवं उपचारात्मक शिक्षण।

2. विज्ञान (Science)

  • (अ) विषयवस्तु: ब्रह्माण्ड, मापन, पदार्थ (गुण, अवस्थाएँ, पृथक्करण, धातु-अधातु, अणु-परमाणु, अम्ल-क्षार-लवण)। भोजन एवं स्वास्थ्य (स्त्रोत, संरक्षण)। सजीव जगत (वर्गीकरण, जैविक प्रक्रियाएँ, अनुकूलन, मानव शरीर विज्ञान, कोशिका संरचना, अनुवांशिक विकास)। बल, गति, दाब, कार्य, ऊर्जा, मशीन, ताप, उष्मा। हमारे आसपास का वातावरण (भौतिक/रासायनिक परिवर्तन, कार्बन, हाइड्रोकार्बन)। प्राकृतिक घटनाएँ (प्रकाश, ध्वनि), वस्तुएँ कैसे काम करती हैं (चुम्बक, विद्युत)। प्राकृतिक संसाधन, खाद्य उत्पादन व प्रबंधन, पर्यावरण।
  • (ब) शिक्षाशास्त्रीय मुद्दे: विज्ञान के उद्देश्य, वैज्ञानिक दृष्टिकोण का विकास, वैज्ञानिक तथ्यों/सिद्धांतों से अवगत कराना, कौशल विकास (अवलोकन, प्रयोग, खोज), नवीनतम जानकारी, सहायक सामग्री का निर्माण, मूल्यांकन एवं उपचारात्मक शिक्षण।

3. सामाजिक विज्ञान (Social Science)

  • (अ) विषयवस्तु:
    • इतिहास: इतिहास के स्त्रोत, आदिमानव, पाषाणकाल, हडप्पा/वैदिक सभ्यता, जैन/बौद्ध धर्म, मौर्य/गुप्त/हर्षकाल। दिल्ली सल्तनत, मुगलकाल (पतन सहित), विजयनगर, बहमनी, मराठा व सिक्ख शक्ति। भारत में यूरोपीय कंपनियों का आगमन, 1857 का संग्राम, पुनर्जागरण, राष्ट्रीय आंदोलन (असहयोग, भारत छोड़ो आदि), क्रांतिकारियों व म.प्र. का योगदान। स्वातंत्र्योत्तर घटनाएँ (कश्मीर समस्या, चीन/पाक युद्ध, आपातकाल)।
    • नागरिक शास्त्र: परिवार, समाज, स्वशासन, भारतीय संविधान (मौलिक अधिकार/कर्तव्य), मानवाधिकार आयोग। संघीय व्यवस्थापिका (लोकसभा/राज्यसभा), कार्यपालिका, न्यायपालिका, राज्य सरकार, निर्वाचन आयोग। प्रजातंत्र की कार्यप्रणाली, चुनौतियां (निरक्षरता, सम्प्रदायवाद, आतंकवाद आदि), भारत की विदेश नीति व संयुक्त राष्ट्र।
    • भूगोल: सौरमंडल, अक्षांश-देशान्तर, स्थलमंडल (पृथ्वी की गतियां, मृदा संरक्षण), वायुमंडल (संगठन, वायुदाब), जलमंडल (लहरे, धाराएं, ज्वार-भाटा)। भारत का भूगोल (स्थिति, जलवायु, प्राकृतिक वनस्पति, खनिज, उद्योग, जनसंख्या)। विश्व के महाद्वीप, पर्यावरण प्रदूषण व आपदा प्रबंधन।
    • अर्थशास्त्र: आर्थिक विकास, चुनौतियाँ, वैश्वीकरण, मुद्रा/वित्तीय प्रणाली, पंचवर्षीय योजनाएँ, कृषि विकास, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, सेवा क्षेत्र, उपभोक्ता संरक्षण।
  • (ब) शिक्षाशास्त्रीय मुद्दे: सामाजिक विज्ञान की प्रकृति, कक्षागत प्रक्रियाएँ, गतिविधि/परिचर्चा, विवेचनात्मक चिंतन का विकास।

4. मुख्य भाषा हिन्दी (Hindi)

  • (अ) भाषायी समझ / अवबोध:
    • वाक्य बोध: विराम चिन्ह, वाक्य रचना/परिवर्तन, मुहावरे, लोकोक्तियां, बोली, विभाषा, मातृभाषा, राजभाषा, राष्ट्रभाषा।
    • काव्य बोध: काव्य भेद, गुण, शब्द शक्ति, छंद (मात्रिक, वर्णिक, कुण्डलियों आदि), अलंकार (यमक, श्लेष आदि), रस (परिचय, अंग, भेद)।
    • अपठित बोध: ग‌द्यांश/पदयांश (शीर्षक, व्याख्या, सारांश)।
    • लेखन: निबंध लेखन व पत्र लेखन (औपचारिक/अनौपचारिक/सम्पादक के नाम)।
    • हिन्दी साहित्य व गद्य: काव्य का विकास (आदिकाल से आधुनिक काल तक – छायावाद, रहस्यवाद आदि) एवं गद्य की विधाएं (निबंध, नाटक, कहानी), कवियों व लेखकों का साहित्यिक परिचय।
  • (ब) शिक्षा शास्त्र: भाषा सीखना, भाषा शिक्षण के सिद्धान्त, सुनने/बोलने की भूमिका, व्याकरण की भूमिका, बच्चों की चुनौतियां/त्रुटियां, चारों कौशलों का मूल्यांकन, शिक्षण अधिगम सामग्री व पुनः शिक्षण।

5. मुख्य भाषा अंग्रेजी (English)

  • A) Understanding of Language:
    • Reading: Two passages (Factual+ Literary/Discursive), a poem (figures of speech, forms of poetry), interpreting tabular/diagrammatic information.
    • Vocabulary: One word substitution, Opposites, Synonyms, phrases, idioms/proverbs, word formation.
    • Functional Grammar: Tenses, Modals, Determiners, Articles, Voices, Narration, Prepositions, Clauses, Transformation of sentences.
    • Writing: Factual description, Essay, Writing letters (business, editors, personal, job applications).
  • B) Pedagogy: Learning/acquisition, Objectives/Qualities of teacher, Methods (Grammar translation, Direct, communicative etc.), Language skills (LSRW), Role of grammar, Challenges of teaching, Evaluation (CCE, Remedial teaching), Teaching learning materials.

6. मुख्य भाषा संस्कृत (Sanskrit)

  • (अ) भाषायी समझ / अवबोध:
    • व्याकरण: शब्द रूप (राम, कवि, भानु आदि), सर्वनाम रूप, धातु रूप (पांच लकार – परस्मैपद/आत्मनेपद), सन्धि (स्वर, व्यंजन, विसर्ग), समास, प्रत्यय (कृत और तद्धित), अव्यय।
    • लेखन व साहित्य: संस्कृत निबंध व पत्र लेखन, वेद/पुराण/उपनिषद् का सामान्य परिचय, रामायण/महाभारत का परिचय, प्रतिनिधि काव्यों का परिचय (भास, कालिदास आदि)।
    • अन्य: कारक एवं विभक्तियां, हिन्दी वाक्यों का संस्कृत में अनुवाद, अपठित गद्य/पद्य का हिन्दी अनुवाद व आधारित प्रश्न (पर्याय, विलोम आदि)।
  • (ब) शिक्षाशास्त्र: भाषा सीखना, शिक्षण सिद्धांत, व्याकरण की भूमिका, कौशलों का मूल्यांकन (LSRW), शिक्षण सामग्री, निदानात्मक परीक्षण एवं उपचारात्मक शिक्षण।

7. मुख्य भाषा उर्दू (Urdu)

  • भाषायी समझ: गद्य विधाएं (मकतूब निगारी, दास्तान, अफसाने, सफर नामा आदि), पद्य/नज्में (गजले, कसीदा, रुबाई आदि)।
  • व्याकरण (कवायद): हरुफ शमसी, कमरी, मुहावरे, कहावते, इस्म, जमीर, सिफत, वाहिद जमा, मुजक्कर-मोअन्नस आदि।
  • लेखन व साहित्य: निबंध, पत्र लेखन (खत व दरख्वास्त), अपठित की तशरीह, उर्दू साहित्य का इतिहास।
  • शिक्षाशास्त्र: उर्दू शिक्षण की आवश्यकता/उद्देश्य, अच्छे शिक्षक की विशेषताएं, शिक्षण सिद्धांत, चारों महारतों (कौशलों) का मूल्यांकन, कवायद का इस्तेमाल, क्लासरूम की चुनौतियां, अमदादी अशिया (मल्टीमीडिया/शिक्षण सामग्री) और खुसीसी तदरीस (पुनः शिक्षण)।

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